रुद्रपुर: साइबर अपराधियों के खिलाफ ऊधम सिंह नगर पुलिस ने अब निर्णायक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। आईजी के निर्देश पर एसएसपी अजय गणपति ने पुलिस कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर ऑपरेशन साइबर हॉटस्पॉट-2026 के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। विशेष अभियान 24 से 31 अगस्त तक चलाया जाएगा।

एसएसपी ने स्पष्ट किया कि साइबर ठगी के किसी मामले में केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कार्रवाई समाप्त नहीं मानी जाएगी। पुलिस को ठगी के पीछे मौजूद मास्टरमाइंड, सहयोगियों, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल लेनदेन और अन्य माध्यमों की जांच कर पूरे नेटवर्क तक पहुंचना होगा।
एक आरोपी नहीं, पूरे गिरोह पर होगी कार्रवाई
बैठक में एसएसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि साइबर अपराध के मामलों में कार्रवाई का दायरा व्यापक रखा जाए। ठगी की रकम किन खातों में गई, किन मोबाइल नंबरों और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल हुआ और इनसे कौन-कौन लोग जुड़े हैं, इसकी पूरी जानकारी जुटाई जाए।
पुलिस का लक्ष्य साइबर ठगी की एक घटना से जुड़े सभी लोगों की भूमिका सामने लाकर पूरे गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करना है।
चिन्हित होंगे साइबर अपराध के हॉटस्पॉट
अभियान के दौरान जिले में साइबर अपराध से जुड़े संभावित हॉटस्पॉट की पहचान की जाएगी। ऐसे क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने के साथ तकनीकी इनपुट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने और साइबर अपराध से जुड़े मामलों में सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बैंक खातों से लेकर डिजिटल ट्रांजेक्शन तक जांच
साइबर ठगी के मामलों में पुलिस अब वित्तीय और तकनीकी साक्ष्यों पर विशेष फोकस करेगी। बैंकिंग ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर, डिजिटल भुगतान और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
एसएसपी ने कहा कि साइबर अपराध के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
24 से 31 अगस्त तक चलेगा अभियान
ऑपरेशन साइबर हॉटस्पॉट-2026 के तहत 24 अगस्त से शुरू होने वाला विशेष अभियान 31 अगस्त तक चलेगा। इसका उद्देश्य साइबर अपराध के हॉटस्पॉट की पहचान करने के साथ सक्रिय अपराधियों और उनके नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करना है।
ऊधम सिंह नगर पुलिस की रणनीति अब साइबर ठगी के सामने आए आरोपी तक सीमित रहने के बजाय अपराध की पूरी चेन और उसके पीछे मौजूद नेटवर्क तक पहुंचने की है। इससे जिले में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में कार्रवाई को और गति मिलने की उम्मीद है।
