देहरादून। त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले में उत्तराखंड सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़ित परिवार को आर्थिक राहत प्रदान की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर एंजेल चकमा के पिता तरुण प्रसाद चकमा को पहली किश्त के रूप में 4 लाख 12 हजार 500 रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर जारी कर दी गई है। यह सहायता अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 और नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955 के तहत दी गई है।

मुख्यमंत्री के आदेश पर यह प्रकरण देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के माध्यम से जिला समाज कल्याण अधिकारी को भेजा गया था। विकासनगर के उपजिलाधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक की संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला स्तरीय समिति से स्वीकृति प्राप्त की गई, जिसके बाद सहायता राशि जारी करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
प्रशासन के अनुसार, नियमानुसार औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पहली किश्त का चेक एंजेल चकमा के पिता को सौंप दिया गया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि पीड़ित परिवार को आगे भी नियमों के तहत हर संभव मदद दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि 29 दिसंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एंजेल चकमा के पिता से फोन पर बातचीत कर घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया था। उन्होंने जानकारी दी थी कि इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की थी कि दिवंगत एंजेल चकमा के इलाज के दौरान हुए सभी चिकित्सीय खर्च उत्तराखंड सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक छात्र की मौत नहीं, बल्कि एक परिवार के सपनों और उम्मीदों का असमय अंत है।
सीएम धामी ने दोहराया कि उत्तराखंड एक शांत, सुरक्षित और समावेशी राज्य है, जहां देश के हर कोने से आने वाले छात्र खुद को सुरक्षित महसूस करें। नॉर्थ ईस्ट समेत अन्य राज्यों से आने वाले छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है।
