माजरी ग्रांट क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ तहसील प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को तेज बारिश के बावजूद तहसील प्रशासन, एमडीडीए और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब 25 बीघा जमीन पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया।

प्रशासन के मुताबिक, कृषि भूमि पर बिना स्वीकृत ले-आउट और एमडीडीए की अनुमति के प्लॉटिंग की जा रही थी। मौके पर अवैध रूप से सड़कें और बाउंड्रीवाल भी बनाई गई थीं। प्रशासन की टीम ने जेसीबी की मदद से इन निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की।
एसडीएम के नेतृत्व में पहुंची संयुक्त टीम
अवैध प्लॉटिंग की शिकायत और जानकारी मिलने के बाद उपजिलाधिकारी अपर्णा धौंडियाल के नेतृत्व में तहसील प्रशासन, एमडीडीए और पुलिस की संयुक्त टीम माजरी ग्रांट पहुंची। टीम ने मौके का निरीक्षण किया और कृषि भूमि पर किए जा रहे निर्माण तथा प्लॉटिंग को चिह्नित किया।
जांच के दौरान सामने आया कि जमीन पर बिना स्वीकृत ले-आउट के प्लॉट काटने की तैयारी की जा रही थी। इसके लिए सड़कें बनाने के साथ-साथ बाउंड्रीवाल का निर्माण भी किया गया था।
जेसीबी से ध्वस्त की गई अवैध प्लॉटिंग
प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जेसीबी मौके पर मंगवाई और अवैध प्लॉटिंग के लिए किए गए निर्माण को ध्वस्त करना शुरू किया। प्रशासन के अनुसार करीब 25 बीघा क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को हटाया गया।
बताया गया कि कृषि भूमि में बनी गूल को हटाकर भी प्लॉटिंग का काम किया जा रहा था। प्रशासन ने इसे नियमों के विपरीत मानते हुए कार्रवाई की।
दो बीघा जमीन पर अतिक्रमण का मामला भी सामने आया
कार्रवाई के दौरान करीब दो बीघा जमीन पर अतिक्रमण का मामला भी सामने आया। इस मामले में संबंधित व्यक्ति को जमीन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगा।
बारिश के बीच भी जारी रही कार्रवाई
शनिवार को क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति और स्वीकृत ले-आउट के कृषि भूमि पर प्लॉटिंग किए जाने के मामलों में कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
प्रशासन ने क्या कहा?
उपजिलाधिकारी अपर्णा धौंडियाल के मुताबिक, माजरी ग्रांट में बिना स्वीकृत ले-आउट के अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान करीब 25 बीघा अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया है। वहीं, दो बीघा जमीन पर अतिक्रमण के मामले में संबंधित व्यक्ति से जमीन के दस्तावेज मांगे गए हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध तरीके से जमीन की खरीद-फरोख्त और प्लॉटिंग करने वालों में भी हलचल बढ़ गई है। अधिकारियों ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन कर की जा रही प्लॉटिंग और निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
