ऊधमसिंह नगर जिले में लगातार हो रही बारिश ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जिले के सात प्रमुख जलाशयों और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और कई जलाशय चेतावनी स्तर के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। हालात को देखते हुए सिंचाई विभाग और जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।

जिले का बैगुल जलाशय सबसे संवेदनशील स्थिति में पहुंच गया है। वर्तमान में इसका जलस्तर 681.66 फीट दर्ज किया गया है, जबकि चेतावनी स्तर 683.50 फीट और खतरे का निशान 685 फीट है। यानी जलाशय चेतावनी स्तर से महज 1.84 फीट नीचे है। इसी तरह नानक सागर जलाशय का जलस्तर 701 फीट तक पहुंच गया है, जबकि इसका वार्निंग लेवल 706 फीट निर्धारित है।
जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए नानक सागर से 4,088 क्यूसेक पानी डाउनस्ट्रीम छोड़ा जा रहा है। वहीं बौर और हरिपुरा जलाशय भी चेतावनी स्तर के करीब पहुंच चुके हैं। दोनों जलाशयों में जलस्तर 789 फीट रिकॉर्ड किया गया है, जबकि वार्निंग लेवल 792 फीट है।
इसके अलावा शारदा सागर, तुमड़िया और धौरा जलाशयों में भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए जलाशयों के गेट खोलने पड़ सकते हैं। इससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है।
सितारगंज में सबसे ज्यादा बारिश
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार सोमवार रात 8 बजे से मंगलवार सुबह 8 बजे तक जिले में सबसे अधिक 180 मिमी वर्षा सितारगंज में दर्ज की गई। इसके अलावा किच्छा में 50 मिमी, रुद्रपुर में 36 मिमी, गदरपुर में 30 मिमी, खटीमा में 28 मिमी, काशीपुर में 17 मिमी, बाजपुर में 8 मिमी और जसपुर में 5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी ने बताया कि लगातार बारिश के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ रहा है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और नदी किनारे व निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन को देने की अपील की गई है।
