रुद्रपुर: शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे लावारिस पशुओं को लेकर नगर निगम ने अभियान तेज कर दिया है। बृहस्पतिवार को अभियान के पहले दिन निगम की टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 15 से अधिक लावारिस पशुओं को पकड़कर गोशाला पहुंचाया। अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य सड़कों को पशुओं से मुक्त कराने के साथ उन्हें सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना भी है।

सिपाही की मौत के बाद नगर निगम ने लिया संज्ञान
लावारिस पशुओं के खिलाफ यह कार्रवाई 14 अगस्त की रात पंतनगर में हुए हादसे के बाद तेज हुई है। ट्रांजिट कैंप थाने में तैनात सिपाही भुवन चंद्र आर्या की लावारिस पशु से टक्कर हो गई थी। हादसे में पशु का सींग उनके सीने में घुस गया था, जिससे उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद शहर की सड़कों और प्रमुख मार्गों पर घूम रहे लावारिस पशुओं की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। मामले का संज्ञान लेते हुए मेयर विकास शर्मा ने नगर निगम कर्मचारियों को सड़कों से पशुओं को हटाने के निर्देश दिए।
पहले दिन 15 से अधिक पशु गोशाला भेजे
निर्देश के बाद नगर निगम की टीम ने बृहस्पतिवार को अभियान चलाया। इस दौरान शहर के विभिन्न इलाकों और सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे 15 से अधिक लावारिस पशुओं को पकड़ा गया। इसके बाद सभी पशुओं को वाहन के जरिए गोशाला पहुंचाया गया।
नगर निगम के मुताबिक, अभियान के तहत पकड़े गए पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि वे दोबारा सड़कों पर न पहुंचें।
मुख्य मार्गों और चौराहों पर सबसे ज्यादा खतरा
मेयर विकास शर्मा ने कहा कि सड़कों पर लावारिस पशुओं की मौजूदगी से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। खासतौर पर मुख्य मार्गों और चौराहों पर पशुओं के बीच सड़क बैठने से वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है, जिससे हादसे की आशंका बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि लावारिस पशुओं को पकड़ने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। नगर निगम का लक्ष्य शहर की सड़कों पर यातायात को सुरक्षित बनाने और पशुओं के लिए भी उचित आश्रय सुनिश्चित करना है।
