देहरादून: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उत्तराखंड की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट की कथित विवादित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस और उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने मोर्चा खोल दिया है। दोनों ने आरोप लगाया है कि महेंद्र भट्ट ने आंदोलनरत छात्रों और युवाओं का अपमान किया है। विपक्ष ने उनसे सार्वजनिक माफी और इस्तीफे की मांग की है, जबकि बेरोजगार संघ ने 24 घंटे के भीतर माफी नहीं मिलने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान महेंद्र भट्ट की कथित टिप्पणी सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जिस भाषा का इस्तेमाल किया, वह युवाओं के संघर्ष का अपमान है और भाजपा की मानसिकता को उजागर करता है।
कांग्रेस ने साधा भाजपा पर निशाना
कांग्रेस प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने कहा कि पिछले करीब 70 दिनों से देशभर के छात्र और अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता तथा पेपर लीक के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे थे। उनके अनुसार, इन्हीं युवाओं के संघर्ष के चलते केंद्र सरकार को बड़ा फैसला लेना पड़ा और धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।
प्रतिमा सिंह ने आरोप लगाया कि ऐसे समय में आंदोलनरत छात्रों के लिए कथित अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करना करोड़ों युवाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि भाजपा खुद को अनुशासित और मर्यादित पार्टी बताती है, लेकिन उसके प्रदेश अध्यक्ष की भाषा कुछ और ही तस्वीर पेश करती है।
प्रेमचंद अग्रवाल के बाद युवाओं को भाजपा अध्यक्ष ने कहे अपशब्द। pic.twitter.com/QjXcYfk0nN
— Uttarakhand Congress (@INCUttarakhand) July 25, 2026
बेरोजगार संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने भी महेंद्र भट्ट के बयान पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवा दिन-रात मेहनत कर रहे हैं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। ऐसे युवाओं के लिए कथित तौर पर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल पूरी युवा पीढ़ी का अपमान है।
राम कंडवाल ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब महेंद्र भट्ट ने आंदोलनरत युवाओं पर विवादित टिप्पणी की है। उनका कहना है कि इससे पहले पेपर लीक आंदोलन के दौरान भी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं को नक्सली और माओवादी बताया था।
24 घंटे में माफी नहीं तो प्रदेशभर में प्रदर्शन
उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने महेंद्र भट्ट से सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। संगठन का कहना है कि यदि निर्धारित समय के भीतर माफी नहीं मांगी गई तो अगले 48 घंटे के भीतर पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। संघ ने दावा किया कि यह आंदोलन इतना बड़ा होगा कि महेंद्र भट्ट पर भी इस्तीफे का दबाव बनेगा।
भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार
महेंद्र भट्ट के कथित बयान को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर कांग्रेस और बेरोजगार संघ इस मुद्दे को युवाओं के सम्मान से जोड़कर भाजपा पर हमलावर हैं, वहीं दूसरी ओर अब तक भाजपा की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि भाजपा इस पूरे विवाद पर क्या रुख अपनाती है और महेंद्र भट्ट अपने बयान को लेकर कोई सफाई या माफी जारी करते हैं या नहीं।
