देहरादून: मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 का री-एग्जाम रविवार को देशभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। उत्तराखंड सहित सभी राज्यों में परीक्षा केंद्रों पर प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आया। परीक्षा के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया गया, जबकि केंद्रों पर अभ्यर्थियों की गहन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया।

उत्तराखंड में इस परीक्षा के लिए 21 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन बड़ी संख्या में परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच सके। देहरादून, नैनीताल और टिहरी सहित कई जिलों में उल्लेखनीय अनुपस्थिति दर्ज की गई।
राज्यभर में बनाए गए 53 परीक्षा केंद्र
परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए प्रदेश में कुल 53 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे। सभी केंद्रों पर पुलिस बल, मजिस्ट्रेट, सीसीटीवी निगरानी और अन्य सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। नकल रोकने के लिए जैमर और आधुनिक तकनीकी संसाधनों का भी उपयोग किया गया।
देहरादून में सबसे अधिक अभ्यर्थी रहे गैरहाजिर
राजधानी देहरादून में अनुपस्थिति का आंकड़ा सबसे अधिक रहा। जिले के 16 परीक्षा केंद्रों पर कुल 6,810 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, लेकिन 5,925 अभ्यर्थी ही उपस्थित हुए। इस प्रकार 885 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सके।
नैनीताल और टिहरी में भी दर्ज हुई अनुपस्थिति
नैनीताल जिले में 4,073 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 468 छात्र-छात्राएं परीक्षा से अनुपस्थित रहे। वहीं टिहरी जिले में 179 में से 21 अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे। इन आंकड़ों ने प्रशासन और शिक्षा विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया है।
अनुपस्थिति के पीछे कई संभावित कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ अभ्यर्थी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं या परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में आई कठिनाइयों के कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। हालांकि, अनुपस्थिति के वास्तविक कारणों का स्पष्ट आकलन विस्तृत समीक्षा के बाद ही संभव हो पाएगा।
अब उत्तर कुंजी और परिणाम का इंतजार
परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद अब अभ्यर्थियों की निगाहें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा जारी की जाने वाली उत्तर कुंजी और परिणाम पर टिकी हैं। प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण बताया है।
उत्तराखंड में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की अनुपस्थिति के बावजूद अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था सुचारु रही और परीक्षा प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुई।
