पौड़ी। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड में राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच शनिवार को कोटद्वार पहुंचे भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। कांग्रेस ने काले झंडे दिखाकर और नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा के एक पूर्व विधायक की कथित पत्नी द्वारा सामने लाए गए ऑडियो और सोशल मीडिया टिप्पणियों में अंकिता प्रकरण से जुड़े कथित वीआईपी के साथ-साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का भी नाम लिया गया है। कांग्रेस का कहना है कि इन आरोपों के बावजूद भाजपा सरकार निष्पक्ष जांच के बजाय अपने नेताओं को बचाने में जुटी हुई है। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

महेंद्र भट्ट के कोटद्वार पहुंचते ही कांग्रेस और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को रोकने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ने से पहले मौके पर तैनात पुलिस बल ने हस्तक्षेप किया और सुरक्षा घेरे में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को वहां से निकालकर उनके निर्धारित कार्यक्रम की ओर रवाना किया।

गौरतलब है कि भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर के ऑडियो सामने आने के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। इस ऑडियो में एक कथित वीआईपी समेत भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं के नाम सामने आने का दावा किया गया है, जिसके चलते प्रदेशभर में जनआक्रोश और अधिक बढ़ गया है।

राज्य के कई हिस्सों में आम नागरिकों और राजनीतिक संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन कर सीबीआई जांच की मांग की जा रही है। युवा कांग्रेस नेता अमित राज सिंह ने कहा कि अंकिता भंडारी पहाड़ की बेटी थी और इस जघन्य हत्याकांड में प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आना बेहद गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार सच्चाई दबाने की कोशिश कर रही है और जब तक पूरे मामले की सीबीआई जांच नहीं होती, कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।

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