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जब कोर्ट ने इस महिला को सजा सुनाई, तो भरे हुए कोर्ट रूम में कहा गया कि यह मामला बहुत ही वीभत्स है। तीन हत्याएं उस समय की गईं जब परिवार सुबह अपने घर में गहरी नींद में था। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए सजा निर्धारित की।

नई दिल्ली: सुबह करीब 5 बजे, तीन हत्याओं और 54 साल की जेल की सजा। यह मामला बेहद चौंकाने वाला है, जहां सजा का निर्धारण उस तरीके और हालात पर आधारित था जिनमें जुर्म किया गया। सजा पाने वाली महिला ने अपने ही परिवार के लोगों की हत्या की, जिसमें उसकी मासूम 10 साल की भतीजी भी शामिल थी। कोर्ट ने कहा कि जुर्म की गंभीरता और परिस्थितियों को देखते हुए दोषी को सख्त सजा मिलनी चाहिए। आइए जानते हैं पूरा मामला जिसने इस महिला को 54 साल की सजा दिलवाई।

17 अप्रैल 2017 की सुबह करीब 5 बजे, रियो डी जेनेरियो के एक इलाके से इमरजेंसी नंबर पर सूचना आई कि एक घर में तीन लोगों की हत्या हो गई है। पुलिस मौके पर पहुंची और देखा कि घर के अंदर तीन लोग खून में सने पड़े थे। इनमें से दो की मौत हो चुकी थी और एक की सांसें चल रही थीं। पुलिस ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। अब पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू की।

बहन ने ही बनाई हत्या की साजिश

मृतक वकील वैगनर दा सिल्वा, उनकी पत्नी सोराया गोन अल्वेस रेसेंड और उनकी 10 साल की बेटी जियोवाना रेसेंड को सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जब पुलिस ने जांच की, तो पता चला कि इस हत्याकांड को सोराया की बहन सिमोन गोन अल्वेस रेसेंड ने अपने बेटे के साथ मिलकर रचा था। इस मामले में दो और लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।

11 करोड़ के लिए रिश्तों की हत्या

यह मामला लगभग 11 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़ा था। हालांकि कोर्ट में हत्या के मकसद को पूरी तरह साबित नहीं किया जा सका, लेकिन यह माना गया कि पैसे के लिए ही ये तीन हत्याएं की गईं। सिमोन गोन के पिता के पास 11 करोड़ की संपत्ति थी, और सोराया गोन उनकी असली बेटी नहीं थी, बल्कि उन्हें गोद लिया गया था। सिमोन चाहती थी कि सारी संपत्ति केवल उसे मिले, इसलिए उसने सोराया और उसके परिवार की हत्या का आदेश दिया।

54 साल की सजा के तीन बड़े कारण

सिमोन ने हत्या के लिए दो पेशेवर अपराधियों, डिएगो मोरेरा दा कुन्हा और गेब्रियल बोट्रेल डे आरा, को चुना। लेकिन सिमोन के मकसद को पूरा होने से पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने सिमोन और अन्य तीन दोषियों को सजा सुनाते हुए कहा कि इस मामले में अपराध की परिस्थितियां बेहद गंभीर थीं। हत्याएं सुबह के अंधेरे में की गईं, जब पीड़ित गहरी नींद में थे, और यह उनके घर में हुईं, जो उनकी सबसे सुरक्षित जगह थी। इसके अलावा, हत्याएं एक बुरी नीयत के तहत की गईं।

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