हरिद्वार में विजिलेंस टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए जीएसटी विभाग में कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटर प्रमोद सेमवाल को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सहायक आयुक्त राज्य कर खंड-3 कार्यालय, हरिद्वार के पास की गई।

1.20 लाख की अवैध मांग का आरोप

शिकायतकर्ता एक स्थानीय व्यापारी है, जिसकी फर्म “हिमांशी पैकेजिंग इंडस्ट्री” वर्ष 2021 में बंद हो चुकी है। जीएसटी लागू होने से पहले के अंतिम तीन महीनों का 1,76,000 रुपये वैट बकाया दर्शाया गया था। आरोप है कि इस बकाया को समाप्त कराने के बदले आरोपी ने 1,20,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। रकम किस्तों में देने की बात भी कही गई थी।

शिकायत पर विजिलेंस का ट्रैप

व्यवसायी की शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग ने गोपनीय जांच की। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप बिछाया गया। तय योजना के तहत जैसे ही आरोपी ने 20,000 रुपये की पहली किस्त स्वीकार की, उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

लंबे समय से तैनात था आरोपी

प्रमोद सेमवाल कनखल क्षेत्र का निवासी है और करीब 18 वर्षों से उपनल के माध्यम से सहायक आयुक्त राज्य कर खंड-3 कार्यालय में कार्यरत था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह पुराने वैट मामलों के निपटारे के नाम पर शिकायतकर्ता पर लगातार दबाव बना रहा था।

आगे की कार्रवाई जारी

विजिलेंस टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस मामले में अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल तो नहीं हैं। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने की प्रक्रिया जारी है। विभागीय कार्रवाई भी संभव है।

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