मॉस्को: रूस के बश्कोर्तोस्तान गणराज्य की राजधानी ऊफा में स्थित स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के एक हॉस्टल में शनिवार को चाकू से हमला होने की घटना सामने आई है। इस हमले में कम से कम छह लोग घायल हो गए, जिनमें चार भारतीय छात्र शामिल हैं। घटना के बाद भारतीय दूतावास ने स्थिति पर नजर रखते हुए प्रभावित छात्रों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।

मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में बताया कि ऊफा में हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कई लोग घायल हुए हैं। दूतावास के अनुसार, कजान स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारी ऊफा के लिए रवाना हो रहे हैं, ताकि घायल भारतीय छात्रों को मौके पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके। स्थानीय प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन से भी लगातार संपर्क बनाए रखा गया है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, एक किशोर चाकू लेकर यूनिवर्सिटी हॉस्टल में घुस गया और वहां रह रहे छात्रों पर हमला कर दिया। रूस के गृह मंत्रालय ने पुष्टि की है कि हमलावर ने कई छात्रों को निशाना बनाया, जिससे वे घायल हो गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
An unfortunate incident of attack has occurred in Ufa. Several persons including four Indian students have been injured. The Embassy is in touch with the authorities and the officials from the Consulate in Kazan are on their way to Ufa to provide assistance to the injured…
— India in Russia (@IndEmbMoscow) February 7, 2026
इस घटना के बीच केंद्र सरकार ने संसद में विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2018 से 2025 के दौरान हिंसक घटनाओं में सबसे अधिक 17 भारतीय छात्रों की मौत कनाडा में हुई है। इसके बाद अमेरिका में 9 और ऑस्ट्रेलिया में 3 भारतीय छात्रों की मौत दर्ज की गई है, जबकि अन्य देशों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं।
केंद्र सरकार ने दोहराया है कि विदेशों में भारतीय छात्रों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी हिंसक या अप्रिय घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय मिशन और दूतावास मेजबान देश के संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं।
विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारतीय मिशन और पोस्ट विदेशों में पढ़ रहे छात्रों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखते हैं। विदेश पहुंचने पर प्री-ओरिएंटेशन सत्रों के माध्यम से छात्रों को स्थानीय कानूनों, संभावित जोखिमों और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाती है। साथ ही समय-समय पर एडवाइजरी जारी कर छात्रों को सतर्क किया जाता है। यह जानकारी विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी के एक अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में संसद को दी।
