देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून में शुक्रवार देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पटेल नगर क्षेत्र में हुई इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग में कथित सुपारी किलर अंकित चौहान के पैर में गोली लगी। उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर फरार हो गया। पुलिस ने घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में अंकित चौहान ने एक निजी बैंक कर्मचारी की हत्या के लिए ₹5 लाख की सुपारी मिलने की जानकारी दी है। पुलिस का दावा है कि सौदे के तहत आरोपी को ₹1.20 लाख एडवांस दिए गए थे और बाकी रकम हत्या के बाद मिलने वाली थी।

8 सितंबर की फायरिंग के बाद शुरू हुई थी जांच
पुलिस के अनुसार, 8 सितंबर को पटेल नगर क्षेत्र में एक महिला अपने फुफेरे भाई के साथ स्कूटी से घर जा रही थी। बड़ोवाला की ओर पेट्रोल पंप से करीब 200 मीटर आगे बाइक सवार दो युवकों ने उनकी स्कूटी के आगे बाइक रोक दी और कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की।
इस घटना में महिला का भाई गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। शिकायत के आधार पर पटेल नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि फायरिंग की घटना में शामिल दोनों आरोपी किसी अन्य वारदात को अंजाम देने के लिए देहरादून लौटे हैं।
गोरखपुर चौक पर संदिग्ध बाइक को रोकने की कोशिश
सूचना के आधार पर पुलिस ने पटेल नगर क्षेत्र में चेकिंग अभियान शुरू किया। गोरखपुर चौक के पास पुलिस टीम ने बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों को रुकने का इशारा किया।
पुलिस का कहना है कि दोनों युवक बाइक लेकर प्रेमनगर रोड की ओर तेजी से भागने लगे। पीछा किए जाने पर उन्होंने चाय बागान की पगडंडी के पास मोटरसाइकिल छोड़ दी और जंगल की तरफ भागने लगे।
पुलिस पर फायरिंग का आरोप, जवाबी कार्रवाई में अंकित घायल
पुलिस के मुताबिक, पीछा करने के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस दौरान अंकित चौहान के पैर में गोली लगी।
पुलिस ने उसे मौके से पकड़कर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। वहीं उसका साथी अंकुर अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर फरार हो गया।
पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से एक तमंचा, खोखा और जिंदा कारतूस के अलावा मोटरसाइकिल बरामद की गई है। फरार आरोपी की तलाश के लिए आसपास के जंगल में कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है।
बैंक कर्मचारी की हत्या के लिए ₹5 लाख की सुपारी का दावा
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में अंकित चौहान ने अपने साथी अंकुर के साथ मिलकर एक निजी बैंक कर्मचारी की हत्या की सुपारी लेने की बात बताई है।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के लिए ₹5 लाख में सौदा तय हुआ था, जिसमें से ₹1.20 लाख एडवांस के तौर पर दिए गए थे। बाकी रकम वारदात के बाद दी जानी थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने दावा किया कि एक महिला ने उसे कथित लक्ष्य की तस्वीर उपलब्ध कराई थी और देहरादून स्थित बैंक कार्यालय की जानकारी भी दी थी।
शादी के वादे को लेकर विवाद, हत्या की कथित साजिश
पूछताछ में पुलिस के सामने जो जानकारी आई है, उसके मुताबिक हरिद्वार के रानीपुर निवासी मोहित ने अंकित की पहचान एक महिला से कराई थी। महिला एक निजी बैंक में काम करती थी।
पुलिस के अनुसार, महिला ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2020 में हरिद्वार के एक बैंक में नौकरी के दौरान उसकी मुलाकात बिजनौर निवासी सत्यम कुमार से हुई थी। महिला का दावा था कि सत्यम ने कई वर्षों तक उससे शादी करने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में किसी अन्य युवती से सगाई कर ली।
पुलिस का कहना है कि इसी विवाद के बाद सत्यम की हत्या की कथित साजिश रची गई और इसके लिए आरोपियों को सुपारी दी गई।
बैंक से निकलते ही सत्यम का पीछा करने का दावा
एसपी सिटी प्रमोद कुमार के अनुसार, 8 सितंबर को अंकित और उसका साथी अंकुर देहरादून पहुंचे थे। पुलिस का दावा है कि दोनों शाम के समय उज्जीवन बैंक के बाहर सत्यम के बाहर निकलने का इंतजार कर रहे थे।
करीब 7:45 बजे सत्यम के बैंक से निकलने के बाद दोनों ने बाइक से उसका पीछा किया। शिमला बाईपास रोड पर बड़ोवाला के एक सुनसान स्थान पर आरोपियों ने कथित तौर पर उसकी स्कूटी के आगे बाइक लगाकर फायरिंग की।
गोली लगने से सत्यम घायल हो गया। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे, जिसके बाद दोनों आरोपी वहां से फरार हो गए।
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद दोनों आरोपी पहले दिल्ली और फिर हरियाणा चले गए थे।
बची रकम लेने देहरादून लौटने का पुलिस का दावा
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात दोनों आरोपी कथित तौर पर सुपारी की बची हुई रकम लेने के लिए मोहित के कहने पर देहरादून लौटे थे। इसी दौरान चेकिंग के दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की।
पुलिस का आरोप है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में अंकित चौहान के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी अंकुर मौके से फरार हो गया।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जंगल और आसपास के क्षेत्रों में कॉम्बिंग अभियान चला रही है। पुलिस कथित सुपारी देने वाले लोगों की भूमिका और पूरे मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
