रुद्रपुर: तीन सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार को रुद्रपुर में किसानों का प्रदर्शन उस वक्त उग्र हो गया, जब कलेक्ट्रेट कूच के दौरान पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग कर रोक दिया। आक्रोशित किसानों ने बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद किसानों ने नैनीताल हाईवे जाम कर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति भी बनी।

बैरिकेडिंग देख भड़का किसानों का गुस्सा
किसानों के कलेक्ट्रेट कूच को देखते हुए पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की थी। किसानों को जब आगे बढ़ने से रोका गया तो उन्होंने बैरिकेड हटाने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।
प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने सरकार पर उनकी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही है, जबकि बिजली के बिलों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। बंजर जमीनों पर मालिकाना हक का मुद्दा भी उन्होंने उठाया।
नैनीताल हाईवे पर बैठ गए किसान
कलेक्ट्रेट की ओर जाने से रोके जाने के बाद किसानों ने नैनीताल हाईवे पर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों के सड़क पर बैठने से यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर जाम खुलवाने और स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया।
प्रशासन की ओर से किसानों की मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया गया है।
ये हैं किसानों की तीन प्रमुख मांगें
किसानों ने प्रदर्शन के दौरान तीन प्रमुख मांगें रखीं—
- बंजर जमीनों पर किसानों को मालिकाना हक दिया जाए।
- किसानों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाए।
- खाद की समय पर और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
किसानों ने मांगों पर ठोस कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए हैं। वहीं, प्रशासन की ओर से प्रदर्शन को देखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।
