मसूरी: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन गुरुवार को देहरादून से सड़क मार्ग के जरिए मसूरी पहुंचे। यहां उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में वर्ष 2024 बैच के 187 IAS अधिकारियों के फेज-II प्रोफेशनल ट्रेनिंग के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रभावी, पारदर्शी और जन-केंद्रित प्रशासन को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
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LBSNAA पहुंचने पर उपराष्ट्रपति का भव्य स्वागत
अकादमी पहुंचने पर निदेशक ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी भी अकादमी परिसर में मौजूद रहे।
इसके बाद उपराष्ट्रपति ने अकादमी परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और पूर्व गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
187 IAS अधिकारियों ने पूरा किया फेज-II प्रशिक्षण
वर्ष 2024 बैच के IAS अधिकारियों के लिए आयोजित आठ सप्ताह का फेज-II प्रोफेशनल ट्रेनिंग कोर्स 20 अगस्त को पूरा हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के अवसर पर अकादमी में दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया।
समारोह में उपराष्ट्रपति ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों से आम लोगों की जरूरतों को समझते हुए जनहित में प्रभावी तरीके से काम करने की अपील की।
मसूरी में लोगों ने हाथ जोड़कर किया अभिवादन
उपराष्ट्रपति के मसूरी पहुंचने पर सड़क के दोनों ओर स्थानीय लोगों की भीड़ नजर आई। लोगों ने हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया। उपराष्ट्रपति ने भी हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। उनके दौरे को लेकर मसूरीवासियों में उत्साह देखने को मिला।
वीवीआईपी मूवमेंट को लेकर सुरक्षा चाक-चौबंद
उपराष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए मसूरी से LBSNAA तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। अकादमी परिसर के साथ ही शहर के प्रमुख मार्गों पर पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती रही। वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान यातायात व्यवस्था पर भी विशेष निगरानी रखी गई।
19 अगस्त को देहरादून पहुंचे थे सीपी राधाकृष्णन
गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 19 अगस्त को देहरादून पहुंचे थे। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनका स्वागत किया था। इसके बाद उन्होंने देहरादून स्थित फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (FRI) में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया था।
इसके अलावा उपराष्ट्रपति ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (IGNFA) में भारतीय वन सेवा के 2025-2027 बैच के परिवीक्षार्थियों और रॉयल भूटान वन सेवा के प्रशिक्षणरत अधिकारियों के साथ संवाद किया और उन्हें संबोधित भी किया।
