चमोली: पीपलकोटी-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना की टेल रेस टनल में हुए हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है, जबकि दो श्रमिक अब भी लापता हैं। हादसे के बाद से एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें लगातार खोज एवं बचाव अभियान में जुटी हैं। अब तक 22 श्रमिकों में से 12 को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।

पीपलकोटी में टीएचडीसी की टेल रेस टनल में बृहस्पतिवार को अचानक भूस्खलन होने से अंदर मलबा और पानी भर गया था। हादसे के बाद शुरू किए गए सर्च ऑपरेशन में पहले सात शव बरामद हुए थे। वहीं, शनिवार को अभियान के दौरान एक और शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान छत्तीसगढ़ निवासी देवनाथ के रूप में हुई।
दो श्रमिकों की तलाश में जुटीं टीमें
रेस्क्यू टीमों ने टनल के उस हिस्से तक पहुंच बना ली है, जहां भूस्खलन के बाद मलबा आया था। इसके बावजूद अभी तक लापता दो श्रमिकों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। दोनों की तलाश में सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।
टनल के अंदर जमा पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए हैं। हालांकि, पानी और मलबे के साथ मशीनरी और निर्माण सामग्री भी मौजूद होने के कारण रेस्क्यू टीमों को अभियान में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

मुआवजे की मांग को लेकर UKD का प्रदर्शन
हादसे में मृत श्रमिकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को टीएचडीसी के पीपलकोटी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं की सुरक्षा कर्मियों के साथ बहस भी हुई, लेकिन उन्हें कार्यालय के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। UKD कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टनल हादसा कंपनी की लापरवाही का नतीजा है और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि टीएचडीसी के अधिकारी गेट पर आकर उनसे बातचीत करें और मुआवजे को लेकर स्पष्ट आश्वासन दें। वहीं, टनल में फंसे दो लापता श्रमिकों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
