चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच भूस्खलन ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले में बदरीनाथ हाईवे और सिमली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने के कारण यातायात बाधित हो गया है। दोनों मार्गों के बंद होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों के साथ परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बाजपुर में बदरीनाथ हाईवे पर गिरा भारी मलबा
चमोली बाजार के पास बाजपुर में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा। यहां रुक-रुककर भूस्खलन होने के कारण बदरीनाथ हाईवे पर आवाजाही प्रभावित हुई है।
हाईवे बंद होने से बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले यात्री दोनों तरफ फंस गए हैं। स्थानीय वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। लगातार मलबा गिरने के चलते मार्ग को खोलने में चुनौती बनी हुई है।
B.Ed प्रवेश परीक्षा के अभ्यर्थियों की बढ़ी चिंता
हाईवे बंद होने का असर B.Ed प्रवेश परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों पर भी पड़ा है। परीक्षा सुबह 11 बजे से होनी है, ऐसे में मार्ग अवरुद्ध होने के कारण अभ्यर्थियों के सामने समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की समस्या खड़ी हो गई है।
यात्रियों और अभ्यर्थियों को मार्ग खुलने का इंतजार है।

नारायणबगड़-नलगांव के बीच दरकी पहाड़ी
इधर, नारायणबगड़ और नलगांव के बीच भी पहाड़ी का बड़ा हिस्सा सड़क पर आ गिरा। भारी बोल्डर और मलबा आने से सिमली-ग्वालदम हाईवे (NH-109) पूरी तरह बंद हो गया है।
हाईवे बंद होने के बाद दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यात्रियों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
BRO ने संभाला मोर्चा
मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम मौके पर पहुंची। पोकलैंड और जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क पर गिरे मलबे और बोल्डरों को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है।
हालांकि, पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने और बारिश जारी रहने के कारण सड़क खोलने के काम में भी मुश्किलें आ रही हैं।
बारिश के बीच बढ़ा भूस्खलन का खतरा
चमोली में लगातार बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में यात्रियों से सड़क और मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां दोनों मार्गों को जल्द से जल्द यातायात के लिए खोलने में जुटी हैं।
