हल्द्वानी: कांग्रेस की ‘विजय शंखनाद रैली’ से पहले हल्द्वानी में पुलिस प्रशासन और कांग्रेस नेताओं के बीच हुए विवाद को लेकर सियासत गरमा गई है। एसएसपी कार्यालय में हुए हंगामे के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने शनिवार देर रात कांग्रेस का पुतला फूंका। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने पुलिस अधिकारियों के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया। बीजेपी ने इस पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कांग्रेस से अधिकारियों के साथ मर्यादित व्यवहार करने की अपील की।

रैली से पहले SSP कार्यालय पहुंची थी कांग्रेस

हल्द्वानी में शनिवार, 8 अगस्त को कांग्रेस की ‘विजय शंखनाद रैली’ प्रस्तावित थी। रैली से पहले बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय पहुंचे।

कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि पुलिस प्रशासन ने कार्यकर्ताओं से भरे वाहनों को कार्यक्रम स्थल से पहले ही रोक दिया। इसी को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यालय परिसर में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।

BJP ने देर रात फूंका कांग्रेस का पुतला

एसएसपी कार्यालय में हुए घटनाक्रम के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया। देर रात कांग्रेस का पुतला दहन कर भाजपा नेताओं ने अपना विरोध दर्ज कराया।

बीजेपी नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस की रैली में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटने के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसके लिए पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने का प्रयास किया। हालांकि, यह भाजपा का आरोप है और इस संबंध में कांग्रेस का पक्ष इस खबर में उपलब्ध नहीं है।

मंडी परिषद अध्यक्ष ने साधा निशाना

मंडी परिषद अध्यक्ष अनिल कुमार डब्बू ने कांग्रेस नेताओं पर एसएसपी कार्यालय में कथित तौर पर अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के नेताओं को अधिकारियों के साथ संवाद करते समय मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “कार्यक्रम से पहले जिस तरह की स्थिति बनी, वह बेहद निंदनीय है। जो लोग सत्ता में आने की बात करते हैं, उन्हें अधिकारियों के साथ मर्यादित व्यवहार करना चाहिए।”

BJP जिलाध्यक्ष बोले- अधिकारियों के सम्मान का ध्यान रखना चाहिए

भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट ने भी एसएसपी कार्यालय में हुए हंगामे की निंदा की। उन्होंने कहा कि जिले के पुलिस कप्तान के लिए अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो का हवाला देते हुए कांग्रेस नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाए और कहा कि घटना से पार्टी कार्यकर्ताओं और युवाओं में नाराजगी है।

रैली से पहले ही आमने-सामने आए दोनों दल

कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली से पहले एसएसपी कार्यालय में हुए विवाद ने उत्तराखंड की सियासत में नया मुद्दा खड़ा कर दिया है। बीजेपी ने जहां इसे अधिकारियों के प्रति कांग्रेस के व्यवहार से जोड़कर हमला बोला है, वहीं पूरे मामले को लेकर कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया सामने आने के बाद राजनीतिक तस्वीर और साफ हो सकती है।

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