नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच ब्लूटूथ-आधारित मैसेजिंग ऐप BitChat को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। केंद्र सरकार ने इस ऐप को हटाने के लिए कोड-होस्टिंग प्लेटफॉर्म GitHub को निर्देश जारी किए हैं। सरकार का कहना है कि इस ऐप का इस्तेमाल देश-विरोधी गतिविधियों में किया जा सकता है, जबकि इस फैसले को लेकर विपक्ष और डिजिटल अधिकार संगठनों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि प्रदर्शन स्थल के आसपास इंटरनेट सेवाएं बाधित हैं। ऐसे में प्रदर्शनकारी आपस में संपर्क बनाए रखने के लिए BitChat ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे। इसी बीच केंद्र सरकार ने इस ऐप को हटाने का आदेश जारी कर दिया, जिससे विवाद और गहरा गया।
सरकार ने क्यों लिया फैसला?
सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि BitChat जैसी तकनीक का इस्तेमाल देश-विरोधी और गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। इसी आधार पर संबंधित प्लेटफॉर्म को इसे तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, सरकार के इस कदम के बाद यह सवाल भी उठ रहे हैं कि जब यह ऐप लंबे समय से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध था, तो अचानक इसे हटाने की जरूरत क्यों पड़ी।
क्या है BitChat ऐप?
BitChat एक Bluetooth Low Energy (BLE) आधारित मैसेजिंग ऐप है, जिसे Twitter (अब X) के सह-संस्थापक जैक डॉर्सी ने जुलाई 2025 में लॉन्च किया था।
इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मैसेज भेजने और प्राप्त करने के लिए इंटरनेट, मोबाइल नेटवर्क या वाई-फाई की जरूरत नहीं पड़ती। केवल ब्लूटूथ ऑन करके आसपास मौजूद अन्य BitChat यूजर्स से सीधे संवाद किया जा सकता है।
कैसे काम करती है यह तकनीक?
BitChat, Bluetooth Low Energy (BLE) तकनीक पर आधारित है। यह इंटरनेट की बजाय नजदीकी डिवाइसों के बीच ब्लूटूथ नेटवर्क बनाकर संदेशों का आदान-प्रदान करता है। यही वजह है कि इंटरनेट बंद होने या मोबाइल नेटवर्क न मिलने की स्थिति में भी सीमित दूरी तक संचार संभव हो जाता है।
जैक डॉर्सी का बयान
सरकारी आदेश का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए BitChat के संस्थापक जैक डॉर्सी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,
“भारत सरकार को BitChat जैसी तकनीक पसंद नहीं है। वह इसे बंद करना चाहती है।”
उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर सरकार के फैसले को लेकर बहस तेज हो गई।
the government of india does not like technologies like bitchat and wants it taken down pic.twitter.com/gjzMg1NGCi
— jack (@jack) July 24, 2026
IFF ने भी जताई आपत्ति
इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन (IFF) ने भी सरकार के आदेश का विरोध किया है। संगठन का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई डिजिटल अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करती है।
10 लाख से ज्यादा डाउनलोड
जुलाई 2025 में लॉन्च हुए BitChat को अब तक 10 लाख से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है। फिलहाल यह ऐप Google Play Store पर उपलब्ध बताया जा रहा है, लेकिन सरकारी कार्रवाई के बाद इसके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
अब आगे क्या?
केंद्र सरकार के आदेश के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि GitHub और अन्य प्लेटफॉर्म इस निर्देश पर क्या कदम उठाते हैं। वहीं, यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा, डिजिटल प्राइवेसी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन को लेकर नई बहस को जन्म देता दिखाई दे रहा है।
